
सुर्री/कोड़ातराई।।रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत सुर्री का एक अनोखा मामला इस वक्त सुर्खियों मे है । जहाँ एक तरफ भाजपा की वर्तमान सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों के घर बनाने के सपने को साकार करते अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रही है तो वहीं दूसरी तरफ खुद को भाजपा समर्थित कार्यकर्ता कहलाने वाले ग्राम पंचायत सुर्री के सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक द्वारा गाँव के ही असहाय वृद्धजन भागीरथी नायक खसरा नंबर 782/1क स्वयं के मिट्टी के घर के क्षतिग्रस्त हो जाने के पश्चात पुनर्निर्माण कर रहा था जिसे जमीन आबादी है कहकर ग्राम पंचायत से आनन फानन मे काम रोको आदेश दे दिया जाता है।और जब उतने से भी मन नहीं भरता तो परेशान करने कि नियत से गांव के कथित व्यक्ति दिनमणि पिता नानबूटी पटेल जो खुद ही उसी आबादी मे 10 डिसमिल कब्ज़ा कर निवासरत है ,को आवेदक बनाकर तहसीलदार पुसौर से काम रोको आदेश जारी करवा वृद्धजन को परेशान किया जा रहा है । और स्वयं ही आदेश को तामिल कराने पहुंच रही हैं । आखिर किस हद्द तक सरपंच मीनाक्षी नायक वृद्धजन को परेशान करती रहेंगी। आपको बता दें इससे पूर्व भी इसी निर्माण कार्य को रोकने पूर्व तहसीलदार से काम रोको आदेश लिया जा कर काम रुकवाया गया था जिस पर पीड़ित सुरेश भागीरथी नायक द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायगढ़ मे इस मामले का फैसला सुरेश भागीरथी नायक के पक्ष मे दिया गया है जिसे जानते हुए भी उक्त फैसले व अधिकारी के आदेश कि अवहेलना सरपंच व वर्तमान तहसीलदार पुसौर द्वारा किया जा रहा है । इस मामले का सच जानने जब हम पहुंचे तो ग्रामीणों ने नाम न बताने कि शर्त पर कहा कि ये सब खेल पैसों के लिए है और उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे ही शासकीय /आबादी जमीन खसरा नंबर 288/1क पर करीब 80 डिसमिल पर स्वयं सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक व परिवार काबिज है तो उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए।
निजी स्वार्थ साधने को बेताब सरपंच:-
विश्वस्थ सूत्रों के अनुसार सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक अपने पद का दुरूपयोग करते हुये सुरेश नायक जो वृद्धजन भागीरथी नायक के बेटे हैं से आर्थिक लाभ प्राप्त करने व निजी स्वार्थ साधने के उद्देश्य से स्वयं बेटे के साथ काम रुकवाने पहुंची थी।
ग्रामीणों कि मांग ख.नं.288/1क दर्राडीपा शासकीय भूमि कि जाँच हो:-
ग्रामीणों ने नाम न छापने कि शर्त पर वर्तमान सरपंच मीनाक्षी टेकलाल नायक व परिवार के द्वारा भी पूर्व से दर्रा दीपा की लगभग 80 डिसमिल शासकीय/आबादी भूमि पर अवैध कब्ज़ा किया गया है जिसकी न्यायिक जांच हो और दन्डात्मक कार्यवाही होनी चाहिए ।और साथ ही आवेदक (काम रोको )दिनमणि पिता नानबूटी पटेल स्वयं ही उस खसरे मे कब्ज़ा किये हुए हैँ उनको भी बेदखल किया जाय।

