देवभोग– गरियाबंद जिले के देवभोग विकास खण्ड अंतर्गत आने वाले अनेकों ग्राम पंचायतों में भू-जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से करवाई जा रही रिचार्ज पिट (सोखता गड्ढा) निर्माण कार्यों में अनियमितता का आरोप खुलकर सामने आई हैं। उक्त ग्रामीणों ने कहना है, कि कई स्थानों पर सोखता गढ्ढा निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप नहीं किया गया है। और कहीं-कहीं पर बिना वास्तविक कार्य के ही कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर राशि का आहरण किए जाने की जानकारी बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण होने की तस्वीरें अपलोड कर दी गई हैं, लेकिन मौके पर या तो कार्य अधूरा है अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि, जिन स्थानों पर न तो कुआं, हैंडपंप या बोरवेल जैसे जल स्रोत मौजूद हैं, वहां भी रिचार्ज पिट निर्माण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने और भी यह बताया कि तकनीकी मापदंडों के अनुसार रिचार्ज पिट की लंबाई, चौड़ाई और गहराई लगभग डेढ़-डेढ़ मीटर होनी चाहिए तथा इसका निर्माण कुएं, हैंडपंप या बोरवेल से तीन से छह मीटर की दूरी पर किया जाना आवश्यक है। इसलिए कई स्थानों पर इन मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया गया या केवल कागजों में ही कार्य पूरा दिखाया गया।
देवभोग जनपद के कई ग्राम पंचायतों में दर्जनों रिचार्ज पिट (सोखता गढ्ढा) निर्माण कार्यों में अनियमितता होने की शिकायत है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी एवं तकनीकी अमला न तो निर्माण स्थल का समुचित निरीक्षण करता है और न ही गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी करता है। इसके बावजूद कार्यों का पूर्ण मूल्यांकन कर भुगतान जारी कर दिया गया।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने तथा यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन से की है।
